Jhalko Media

'अन्नदाता' के लिए खुशखबरी! बजट में 25 लाख करोड़ की ये अहम घोषणा संभव

 | 
'अन्नदाता' के लिए खुशखबरी! बजट में 25 लाख करोड़ की ये अहम घोषणा संभव

सरकार अंतरिम बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि कर्ज लक्ष्य को 22-25 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने की घोषणा कर सकती है. इसके जरिए केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र किसान की संस्थागत ऋण तक पहुंच हो.

नई दिल्ली. केंद्र सरकार आगामी अंतरिम बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि कर्ज लक्ष्य को 22-25 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने की घोषणा कर सकती है, साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र किसान की संस्थागत ऋण तक पहुंच हो, सूत्रों ने यह जानकारी दी. चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार का कृषि-ऋण लक्ष्य 20 लाख करोड़ रुपये है. वर्तमान में, सरकार सभी वित्तीय संस्थानों के लिए 3 लाख रुपये तक के अल्पकालिक कृषि ऋण पर 2 प्रतिशत की ब्याज छूट प्रदान करती है. इसका मतलब है कि किसानों को प्रति वर्ष 7 प्रतिशत की रियायती दर पर 3 लाख रुपये तक का कृषि ऋण मिल रहा है. सरकार का कृषि ऋण पर ज्यादा ध्यान समय पर भुगतान करने वाले किसानों को प्रति वर्ष 3 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज छूट भी प्रदान की जा रही है. किसान दीर्घकालिक ऋण भी ले सकते हैं लेकिन ब्याज दर, बाजार दर के अनुसार होती है. सूत्रों ने कहा कि वित्तवर्ष 2024-25 के लिए कृषि-ऋण लक्ष्य बढ़कर 22-25 लाख करोड़ रुपये हो सकता है. कृषि-ऋण पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है और सरकार छूटे हुए पात्र किसानों की पहचान करने और उन्हें ऋण नेटवर्क में लाने के लिए कई अभियान चला रही है. सूत्रों ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने एक केंद्रित दृष्टिकोण के तहत ‘क्रेडिट’ पर (ऋण के लिए) एक अलग प्रभाग भी बनाया है. 2022-23 में कृषि ऋण वितरण 21.55 लाख करोड़ इसके अलावा, सूत्रों ने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में विभिन्न कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण वितरण लक्ष्य से अधिक रहा है. सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि चालू वित्तवर्ष में, दिसंबर 2023 तक 20 लाख करोड़ रुपये के कृषि-ऋण लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उक्त अवधि में निजी और सार्वजनिक दोनों बैंकों द्वारा लगभग 16.37 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है. सूत्रों ने कहा, ‘‘कृषि-ऋण वितरण इस वित्तवर्ष में भी लक्ष्य से अधिक होने की संभावना है.’’ वित्तवर्ष 2022-23 के दौरान, कुल कृषि ऋण वितरण 21.55 लाख करोड़ रुपये था. यह इस अवधि के लिए रखे गए 18.50 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक था. आंकड़ों के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नेटवर्क के माध्यम से 7.34 करोड़ किसानों ने ऋण प्राप्त किया है. 31 मार्च 2023 तक करीब 8.85 लाख करोड़ रुपये बकाया था.