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Ayodhya: राम मंद‍िर प्राण प्रत‍िष्‍ठा समारोह के अवसर पर क्या क्या बोले CM Yogi? जान‍िए 15 बड़ी बातें

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Ayodhya: राम मंद‍िर प्राण प्रत‍िष्‍ठा समारोह के अवसर पर क्या क्या बोले CM Yogi? जान‍िए 15 बड़ी बातें
Jhalko Media, अयोध्या। यूपी के अयोध्या में श्री राम मंदिर में आज भगवान रामलला मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा का समारोह उत्साह के साथ पूरा हुआ है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने श्री अयोध्याधाम में श्रीरामलला के बालरूप विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा (Pran Pratishtha) समारोह पूर्ण होने के बाद अपने मनोभाव प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मंदिर वहीं बना है, जहां बनाने का संकल्प लिया था। आइए जानते हैं अयोध्‍या (Ayodhya) में राम मंद‍िर प्राण प्रत‍िष्‍ठा समारोह पर सीएम योगी ने क्‍या-क्‍या कहा...
  • सीएम योगी ने कहा- 500 वर्षों के लबे अंतराल के बाद आज के इस चिरप्रतीक्षित मौके पर अंतर्मन में भावनाएं कुछ ऐसी हैं कि उन्हें व्यक्त करने को शब्द नहीं मिल रहे। मन भावुक है, भाव विभोर है, भाव विह्वल है। निश्चित रूप से आप सब भी ऐसा ही अनुभव कर रहे होंगे।
  • आज इस ऐतिहासिक और अत्यंत पावन अवसर पर भारत का हर नगर-हर ग्राम अयोध्याधाम है। हर मार्ग श्रीरामजन्मभूमि की ओर आ रहा है।
  • हर मन में राम नाम है। हर आंख हर्ष और संतोष के आंसू से भीगा है। हर जिह्वा राम-राम जप रही है। रोम रोम में राम रमे हैं। पूरा राष्ट्र राममय है। ऐसा लगता है हम त्रेतायुग में आ गए हैं।
  • आज रघुनन्दन राघव रामलला, हमारे हृदय के भावों से भरे संकल्‍प स्‍वरूप सिंहासन पर विराज रहे हैं। आज हर रामभक्त के हृदय में प्रसन्नता है, गर्व है और संतोष के भाव हैं।
  • आखिर भारत को इसी दिन की तो प्रतीक्षा थी। भाव-विभोर कर देने वाली इस दिन की प्रतीक्षा में लगभग पांच शताब्दियां व्‍यतीत हो गईं, दर्जनों पीढ़ियां अधूरी कामना लिए इस धराधाम से साकेतधाम में लीन हो गईं, किन्‍तु प्रतीक्षा और संघर्ष का क्रम सतत जारी रहा।
  • श्रीरामजन्मभूमि, संभवतः विश्व में पहला ऐसा अनूठा प्रकरण रहा होगा, जिसमें किसी राष्ट्र के बहुसंख्यक समाज ने अपने ही देश में अपने आराध्य के जन्मस्थली पर मंदिर निर्माण के लिए इतने वर्षों तक और इतने स्तरों पर लड़ाई लड़ी हो।
  • आज वह शुभ अवसर आ ही गया कि जब कोटि-कोटि सनातनी आस्‍थावानों के त्‍याग और तप को पूर्णता प्राप्त हो रही है। आज संतोष इस बात का भी है कि मंदिर वहीं बना है, जहां बनाने का संकल्प लिया था।
  • संकल्प और साधना की सिद्धि के लिए, हमारी प्रतीक्षा की समाप्ति के लिए, हमारे संकल्प पूर्णता के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार और अभिनंदन।
  • सदियों के बाद भारत में हो रहे इस चिरप्रतिक्षित नवविहान को देख अयोध्या समेत भारत का वर्तमान आनन्दित हो उठा है।
  • भाग्यवान है हमारी पीढ़ी जो इस राम-काज के साक्षी बन रहे हैं और उससे भी बड़भागी हैं वो जिन्होंने सर्वस्व इस राम-काज के लिए समर्पित किया है और करते चले जा रहे हैं।
  • जिस अयोध्या को "अवनि की अमरावती" और "धरती का वैकुंठ" कहा गया, वह सदियों तक अभिशिप्त रही। उपेक्षित रही। सुनियोजित तिरस्कार झेलती रही। अपनी ही भूमि पर सनातन आस्था पददलित होती रही, चोटिल होती रही।
  • किंतु राम का जीवन हमें संयम की शिक्षा देता है और भारतीय समाज ने संयम बनाये रखा। लेकिन हर एक नए दिन के साथ हमारा संकल्प और दृढ़ होता गया। पूरी दुनिया अयोध्या जी के वैभव को निहार रही है। हर कोई अयोध्या आने को आतुर है।
  • आज अयोध्या में त्रेतायुगीन वैभव उतर आया है। दिख रहा है। यह धर्म नगरी 'विश्व की सांस्कृतिक राजधानी' के रूप में प्रतिष्ठित हो रही है। पूरा विश्व दिव्य और भव्य अयोध्या का साक्षात्कार कर रहा है।
  • "सांस्कृतिक अयोध्या, आयुष्मान अयोध्या, स्वच्छ अयोध्या, सक्षम अयोध्या, सुरम्य अयोध्या, सुगम्य अयोध्या, दिव्य अयोध्या और भव्य अयोध्या" के रूप में पुनरोद्धार के लिए हजारों करोड़ करोड़ रुपये लग रहे हैं।
  • इस नई अयोध्या में पुरातन संस्कृति और सभ्यता का संरक्षण तो हो ही रहा है, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक पैमाने के अनुसार सभी नगरीय सुविधाएं भी विकसित हो रहीं हैं। इस मोक्षदायिनी नगरी को आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित किया जा रहा।
  • अवधपुरी में रामलला का विराजना भारत में रामराज्य की स्थापना की उद्घोषणा है।  रामराज बैठे त्रैलोका। हर्षित भये गए सब सोका।