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पानी का तो कोई रंग नहीं! तो बर्फ सफेद क्यों होती है? जानिये सही जवाब

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पानी का तो कोई रंग नहीं! तो बर्फ सफेद क्यों होती है? जानिये सही जवाब
Jhalko Media, Digitak Desk - Ice Fact: बर्फ एक आश्चर्यजनक प्राकृतिक रूप है जो पानी के जमने से उत्पन्न होती है। जब पानी का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या उससे कम होता है, तो वह बर्फ में परिणामित हो जाता है। हम जिधर भी जाते हैं, उंचाई बढ़ने पर तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है और वहां हमें बर्फ ज्यादा दिखाई देती है। लेकिन एक सवाल हमेशा समझ में रहता है, कि जिस पानी से बर्फ बनती है, वह रंगहीन होता है, तो फिर बर्फ का रंग सफेद कैसे हो जाता है? यह क्यों किसी अन्य रंग का नहीं होता? आइए इसका सही उत्तर जानते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सत्य है कि पानी रंगहीन होता है। जब पानी अपने प्राकृतिक स्वरूप में होता है, तो यह तरल होता है और उसमें पड़ने वाली प्रतिबिंब को सूर्य या किसी अन्य वस्तु द्वारा जो पड़ता है, वह भी तरल की तरह बंट जाता है। और जब पानी बर्फ का रूप लेता है, तो वह परत-दर-परत ठोस बन जाता है और उस पर सूर्य का प्रतिबिंब स्थायी होता है। हम उस जमे पानी को एक श्वेत रंग की तरह देखते हैं क्योंकि प्रकाश को सफेद रंग की तरह प्रतिबिंबित किया जाता है। बर्फ के अंदर अधिकांश हवा होती है, और यह प्रकाश की बहुतर तरंगों को परावर्तित कर देती है। जब आकाश से बर्फ गिरती है, तो वह रंगहीन होती है, लेकिन जैसे ही उसपर प्रकाश पड़ता है, हम उसे सफेद देखते हैं क्योंकि प्रकाश को परावर्तित होने की वजह से उसका रंग सफेद होता है। हवा की अधिकता के कारण ही बर्फ का रंग सफेद होता है। यह बर्फ में छोटे-छोटे बुलबुले और पॉकेट्स बनाती है, जो गैसों से भरे होते हैं। इसके फलस्वरूप, बर्फ प्रकाश को बहुतर तरंगों में बाँटती है और उसे सफेद दिखने में मदद करती है। यदि इसमें कोई अन्य रंग होता, तो वह हमें अलग-अलग रंगों में नजर आती।