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Fourlane Expressway: राजस्थान-हरियाणा को मिली एक और 86 किलोमीटर नए एक्सप्रेसवे की सौगात, जानिए डिटेल्स

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Fourlane Expressway: राजस्थान-हरियाणा को मिली एक और 86 किलोमीटर नए एक्सप्रेसवे की सौगात, जानिए डिटेल्स

हरियाणा और राजस्थान को मिलेगी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की बड़ी सौगात

नई दिल्ली: एक नई सड़क के निर्माण के साथ, राजस्थान और हरियाणा को होगी एक और सड़क की सौगात। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जाने वाले इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को ट्रांस हरियाणा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे 6 लेन और 86 किलोमीटर लंबा होगा। इस परियोजना के लिए NHAI लगभग 1400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।**

प्रमुख बातें:

  1. ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मार्ग: इस एक्सप्रेसवे का निर्माण राजस्थान के अलवर से मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ जोड़ने के लिए किया जा रहा है, जिससे यात्रा में सुधार होगा और दूरीयों का समय कम होगा।
  2. निवेश का मात्रा: NHAI द्वारा इस प्रोजेक्ट पर लगभग 1400 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जो राजस्थान और हरियाणा के बीच सुरक्षित और अच्छे सड़क संचार की सुनिश्चित करेगा।
  3. सड़क का विवरण: इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 86 किलोमीटर है और यह 6 लेन का होगा, जिससे सड़क का अधिक वाहनसंचार संभावित होगा।

सड़क का महत्व:

  • ट्रांस हरियाणा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: यह एक्सप्रेसवे ट्रांस हरियाणा एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ाव बनाएगा और यात्रा में बचत करेगा।
  • ट्रैफिक की बोझ हटाएगा: दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक को कम करने के लिए यह एक्सप्रेसवे एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
  • समय की बचत: लोगों को अब चंडीगढ़, पंचकुला, पंजाब, या अंबाला से मुंबई की ओर जाने में दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय की बचत होगी।

नई सड़क, नई संभावनाएं:

  • ट्रांसपोर्टेशन में सुधार: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण से राजस्थान और हरियाणा के बीच सुरक्षित और तेज ट्रांसपोर्टेशन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
  • राज्यों को आर्थिक विकास: इस सड़क के माध्यम से राजस्थान और हरियाणा को आर्थिक विकास में मदद मिलेगी और नए विकास क्षेत्रों की राह खुलेगी।

इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से ट्रैफिक का बोझ कम होगा और यात्रा में सुधार होगा, जिससे राजस्थान और हरियाणा को नई संभावनाएं मिलेंगी। इससे दो राज्यों के बीच और भी मजबूत और सुरक्षित जुड़ाव बनेगा, जो राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों में बेहतरीनी का कारण बन सकता है।